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संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े सरदार सरोवर परियोजना के डूब प्रभावितों हेतु खुजावा में आयोजित दस्तावेज सत्यापन शिविर में पहुंचे एवं धार की प्रमुख खबरें देखें

 

सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड धार, 11 फरवरी 2026।

संभाग आयुक्त इंदौर डॉ. सुदाम खाड़े ने सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावित हितग्राहियों को भूखंड रजिस्ट्री हेतु तहसील धरमपुरी के ग्राम खुजावा में आयोजित दस्तावेज सत्यापन शिविर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डूब प्रभावित परिवारों को पुनर्वास का लाभ पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संभाग आयुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि जिन प्रकरणों में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होगी, उनका निराकरण प्रशासन द्वारा गठित समिति के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समय-सीमा से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में प्राप्त आवेदनों का विधिवत सत्यापन कर आगे की आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने रजिस्ट्री एवं सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटाइजेशन के माध्यम से और अधिक सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश भी दिए।

संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिये आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों में लाभार्थी का आवेदन पत्र, भूखण्ड आवंटन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, पेनकार्ड की छायाप्रति और वारिसान प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे।

प्रशासन द्वारा शिविर के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान हेतु समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है, ताकि भूखंड रजिस्ट्री की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूर्ण की जा सके।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा शिविर में हितग्राहियों को दस्तावेज सत्यापन एवं भूखंड रजिस्ट्री प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

महाशिवरात्रि पर्व और शाही सवारी की तैयारियों का कमिश्नर एवं कलेक्टर ने लिया जायजा

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

धार, 11 फरवरी 2026। जिले के धरमपुरी में आगामी महाशिवरात्रि पर्व और शाही सवारी को लेकर प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने बुधवार को संभागायुक्त इंदौर शडॉ सुदाम खाड़े बेंट संस्थान पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी उपस्थित रहे । उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तैयारी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी व्यवस्थाएँ 13 फरवरी तक पूर्ण हो जानी चाहिए ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की समस्या न हो।
इस दौरान घाट पर नाव संचालन और जलस्तर प्रबंधन को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। कहा कि नर्मदा जलस्तर स्थिर बनाए रखने के लिए पत्राचार किया गया है ताकि नावों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। उन्होंने महर्षि दधीचि प्रतिमा स्थल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मेले में भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा की विशेष प्रबंध किया जाए।
इस दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि धरमपुरी में महादेव मंदिर और शाही सवारी की सभी व्यवस्थाएँ व्यवस्थित और सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। महिलाओं के लिए प्रसाधन सुविधा, लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था, नाव संचालन और पुलिस बलों की तैनाती, पार्किंग सुविधा का सुचारू प्रबंधन किया जाए।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने निर्देशित किया कि पर्व के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नदी पार करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नाव संचालन की समुचित व्यवस्था, सुरक्षित एवं व्यवस्थित घाट निर्माण, बैरिकेडिंग तथा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निरंतर मॉनिटरिंग करने एवं कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए। महाशिवरात्रि पर निकलने वाले जुलूस में पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स तैनात किए जाएंगे, ताकि व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने बताया कि सभी विभागों को दायित्व सौंप दिए गए हैं तथा व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भी प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी ने कहा कि सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान अन्तर्गत प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने प्रशंसा पत्र दिया

 

धार, 11 फरवरी 2026। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश के किसानों की पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को पूर्ण करने के उद्देश्य से चलाये गये दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2025 से 15 जनवरी 2026 चलाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत लक्षित कार्य तथा जिलें में की गई गृह भेंटो की गुणवत्ता एवं प्रभावकारिता का सत्यापन रेण्डम आधार पर किया जाना पाया गया। इसके साथ ही अभियान के दौरान पशुपालकों को नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य के विषयों में प्रभावी ढंग से जागरूक एवं मागदर्शित किया गया।

        प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन श्री उमाकांत उमराव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने डॉ. सिसोदिया, उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं धार के नाम प्रशंसा पत्र जारी कर इस उत्कृष्ट, सराहनीय एवं लक्ष्य अनुसार कार्य की प्रशंसा करते हुए इस उपलब्धि में निष्ठा, प्रतिबद्धता तथा कार्यकुशलता को सराहा गया। साथ ही अपेक्षा की है कि भविष्य में भी उत्साह, समर्पण एवं दक्षता के साथ उक्त अभियान के साथ ही अन्य अभियानों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देते रहेंगें।

     डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया, उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं धार ने इस उपलब्धि का श्रेय कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के मार्गदर्शन तथा इस कार्य में संलग्न कार्यालयीन तथा क्षेत्रीय विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों की कार्य के प्रति निष्ठा, समर्पण एवं दक्षता को बताया है। साथ ही अपेक्षा कि है कि भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करते हुए जिला धार को सर्वोच्च स्थान पर बनाये रखने में अपना योगदान देंगें।

 

संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, इन्दौर संभाग इन्दौर ने धार में विभागीय योजनाओं एवं कार्यों का स्थल निरीक्षण एवं सत्यापन किया

 

धार, 11 फरवरी 2026। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश के किसानों की पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को पूर्ण करने के उद्देश्य से चलाई जा रही विभागीय योजनाओं दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, क्षीरधारा योजना, ब्रीडर एसोसिएशन, हिरण्यगर्भ योजना की मैदानी स्तर पर संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, इन्दौर संभाग इन्दौर डॉ. विल्सन डावर ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर डावर ने विकास खण्ड नालछा, विकास खण्ड उमरबन, विकास खण्ड मनावर एवं विकास खण्ड धरमपुरी का भ्रमण किया।

      संभागीय संयुक्त संचालक ने इन योजनाओं में पृथक-पृथक स्थल पर जाकर सत्यापन किया तथा इसके अतिरिक्त एनएलएम अन्तर्गत 1 करोड़ की लागत से स्थापित बकरी इकाई संचालनकर्ता श्री विष्णु पिता मेहताब नायक, निवासी ग्राम राजपुरा तहसील मनावर तथा रूपये 20.00 लाख की लागत से स्थापित बकरी इकाई संचालनकर्ता श्री कैलाश काग, निवासी ग्राम अजंदा तहसील मनावर की बकरी इकाई का मौके पर निरीक्षण एवं सत्यापन किया गया। उनके भ्रमण के दौरान उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला धार डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया एवं मैदानी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

 

वन स्टॉप सेंटर धार द्वारा जिला भोज चिकित्सालय मे महिलाओं से बाल विवाह के बारे में चर्चा की

 

धार, 11 फरवरी 2026। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी धार श्री सुभाष जैन के मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त भारत के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान एवं हब फॉर इम्पावर मेंट ऑफ़ वुमन अंतर्गत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

       इसी अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर धार द्वारा बुधवार को जिला भोज चिकित्सालय धार मे महिलाओं से बाल विवाह के बारे में चर्चा की गई । बताया गया कि बाल विवाह होने का पता चलता है तो तुरंत उसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग को दें अथवा 1098 पर शिकायत दर्ज कराए । बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है और समाज मैं हो रहे बाल विवाह से बालक एवं बालिकाओं को होने वाले नुक़सान को रोकने का प्रयास करना अत्यंत आवश्यक हैं ।

          बाल विवाह से बच्चों को होने वाले मानसिक, शारीरिक सामाजिक विकास को नुक़सान पहुँचता है । जिसे रोकने का प्रयास करना ज़रूरी है, यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार को रोकना, पॉक्सो अधिनियम यौन अपराध से बच्चों का निवारण अधिनियम 2012, बालिका शिक्षा, बालिका पोषण एवं स्वास्थ आदि विषय के साथ ही किसी भी प्रकार की हिंसा की रोकथाम हेतु सहायता प्रदान करने वाले स्थान जैसे कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न निषेध अधिनियम 2013,भारतीय न्याय संहिता 2023,पीड़ित मुआवजे के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिता 2023 ,एवं बालिकाओं, महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना,घरेलू हिंसा अधिनियम 2005,के अंतर्गत संचालित महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क, महिला थाना ,जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए हिंसा होने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करते है।  

       देहज़ निषेध अधिनियम के तहत कार्यवाही करने वाले स्थानों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसी भी तरह की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं हेतु संचालित वन स्टॉप सेंटर जो एक ही छत के नीचे पुलिस सहायता, आश्रय सहायता, आपात्कालीन सहायता , परामर्श सहायता, स्वास्थ्य सेवा, क़ानूनी सहायता प्रदान करता है की जानकारी प्रदान की गई। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 ,112 पुलिस हेल्पलाइन नंबर साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 ,चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 आदि की जानकारी भी प्रदान की गई

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